परमपिता , परमेश्वर , जगत्स्वामी , जगेश , सर्त्रव्यापी इश्वर आप सभी को सपरिवार सकुशल ,सुरक्षित एवं आयुष्मान रखे . आप सबकी समस्त आशाओं को ,अभिलाषाओं को एवम स्वपनों को साकार करे.
आपको नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं !
कुछ फूल, कुछ सितारे और एक चाँद थोड़ी सी चाँदनी , नर्म धूप की महक धनवर्षा, दहलीज़ पे किस्मत की दस्तक मुंडेर पर चुग्गा चुगती चिड़ियों की चहक घर में चहकते बच्चे , बतियाते माँ बाप चिरागों के बजाये जलते हुए आफ़ताब हर चीज़ में बरक्कत , हर शै में इजाफा हर मुश्किल तलाशती खुद अपना ही जवाब नई सुबह जब आसमान से एक नया सूरज धकेल पाँव से निकले जब अँधेरे की चादर नए साल की पहली सुनहरी किरन "दीपक" मुबारक़ बन के आगोश में ले ले तुम्हें आकर
नया साल मुबारक़ नया साल मुबारक़ नया साल मुबारक़ aap sab ko navvarsh 2010 ki haardik mangalmay shubhkaamnaaye.
ALL RIGHT RESERVED @DEEPAK SHARMA http://www.kavideepaksharma.com http://kavidepaksharma.blogspot.com
मेरा नाम शांत है .....लेकिन ये मत सोचिए कि मैं शांत हूं .....क्योंकि अगर मैं शांत होता तो शायद आप मुझे पढते ही नही .....हां पहली नजर में आप भी इस बात का धोखा खा जाऐगें कि मैं अपने नाम की परिभाषा को अपने स्वभाव के द्धारा सही सिद्ध कर रहा हूं .....मैं पढता भी हूं लेकिन किताबों को नही चेहरों को, जो इतने सख्त हो गये है कि भावों के निशान को भी नही आने देते ......मैं लिखता भी लेकिन कुछ ऐसा नही जो लोगों के दिल को बहलाए बल्कि कुछ ऐसा जो होने वाले हर चीज पर प्रश्न उठाए कि आखिर ऐसा ही क्यों ....इससे ज्यादा अगर आपको मेरे बारे में जानना है तो निश्चित ही आप मुझे ढुंढ लेंगे फिर मैं क्यों न कहीं भी होउं
चिट्ठाजगत में आपका स्वागत है!
जवाब देंहटाएंनया वर्ष हो सबको शुभ!
जाओ बीते वर्ष
नए वर्ष की नई सुबह में
महके हृदय तुम्हारा!
अच्छा प्रयास है
जवाब देंहटाएंप्रिय मित्र ,
जवाब देंहटाएंपरमपिता , परमेश्वर , जगत्स्वामी , जगेश , सर्त्रव्यापी इश्वर आप सभी को सपरिवार सकुशल ,सुरक्षित एवं आयुष्मान रखे . आप सबकी समस्त आशाओं को ,अभिलाषाओं को एवम स्वपनों को साकार करे.
आपको नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं !
कुछ फूल, कुछ सितारे और एक चाँद
थोड़ी सी चाँदनी , नर्म धूप की महक
धनवर्षा, दहलीज़ पे किस्मत की दस्तक
मुंडेर पर चुग्गा चुगती चिड़ियों की चहक
घर में चहकते बच्चे , बतियाते माँ बाप
चिरागों के बजाये जलते हुए आफ़ताब
हर चीज़ में बरक्कत , हर शै में इजाफा
हर मुश्किल तलाशती खुद अपना ही जवाब
नई सुबह जब आसमान से एक नया सूरज
धकेल पाँव से निकले जब अँधेरे की चादर
नए साल की पहली सुनहरी किरन "दीपक"
मुबारक़ बन के आगोश में ले ले तुम्हें आकर
नया साल मुबारक़
नया साल मुबारक़
नया साल मुबारक़
aap sab ko navvarsh 2010 ki haardik mangalmay shubhkaamnaaye.
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बढ़िया शुरूआत है.....बधाई स्वीकार करें।
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